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ईडीआईआई ने सतत ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त बनाने के लिए बेंगलुरु में इको एक्शन लर्निंग सेंटर (ईएलसी) का शुभारंभ किया
बेंगलुरु, भारत | 29 अप्रैल 2026- एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (ईडीआईआई) ने 28 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु में इको एक्शन लर्निंग सेंटर (ईएलसी) का उद्घाटन किया। यह एक समर्पित अनुभवात्मक प्रशिक्षण केंद्र है, जिसका उद्देश्य व्यावहारिक, कौशल-आधारित शिक्षण के माध्यम से सतत ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
इस केंद्र का उद्घाटन सुश्री मनीषा भट्टाचार्य, प्रबंध निदेशक – कॉर्पोरेट सिटिजनशिप, एक्सेंचर; डॉ. सुनील शुक्ला, महानिदेशक, ईडीआईआई तथा डॉ. रमन गुज्राल, निदेशक – सीएसआर पार्टनरशिप्स, ईडीआईआई द्वारा किया गया।
बेंगलुरु में स्थित इको एक्शन लर्निंग सेंटर (ईएलसी) माइक्रो स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम (एमएसडीपी) के अंतर्गत एक व्यावहारिक प्रशिक्षण मंच के रूप में कार्य करता है, जो ग्रामीण उद्यमियों को पर्यावरण अनुकूल उत्पादन प्रणालियों और लघु स्तर के उद्यम संचालन का वास्तविक समय में अनुभव प्रदान करता है।
यह पहल एक व्यापक बहु-स्थानीय मॉडल का हिस्सा है, जिसे बेंगलुरु, पुणे और चेन्नई में लागू किया जा रहा है, जबकि भुज में विस्तार की योजना (2026–27) के लिए बनाई गई है। इस पहल के अंतर्गत कुल 30 संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे सीधे तौर पर लगभग 1,500 ग्रामीण उद्यमियों को लाभ मिल रहा है।
यह केंद्र सतत आजीविका से जुड़े कार्यों पर केंद्रित है, जिनमें फल एवं सब्जियों का निर्जलीकरण, हस्तनिर्मित साबुन निर्माण, बैग का अपसाइक्लिंग, बेकरी उत्पाद, कोल्ड प्रेस तेल निष्कर्षण, मोमबत्ती निर्माण तथा मिलेट आधारित खाद्य प्रसंस्करण शामिल हैं।
उद्घाटन के अवसर पर सुश्री मनीषा भट्टाचार्य, प्रबंध निदेशक – कॉर्पोरेट सिटिजनशिप, एक्सेंचर ने कहा, “एक्सेंचर और ईडीआईआई समावेशी विकास की एक साझा दृष्टि रखते हैं। यह एक भविष्य के लिए तैयार अर्थव्यवस्था के निर्माण पर केंद्रित है। जब ग्रामीण उद्यमियों को अपनी क्षमता को पहचानने के लिए सही वातावरण मिलता है, तो वे हरित अर्थव्यवस्था में सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकते हैं। यह लर्निंग सेंटर इसी विश्वास पर आधारित है, और इसे विभिन्न स्थानों पर स्थापित करना इसे एक ऐसे अभियान का रूप देता है, जो परिणाम-आधारित प्रभाव और उपलब्धियों को सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।”
डॉ. सुनील शुक्ला, महानिदेशक, ईडीआईआई ने कहा, “इको एक्शन लर्निंग सेंटर प्रशिक्षण से परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है। सतत उत्पादन प्रणालियों के व्यावहारिक अनुभव को संभव बनाकर, हम ग्रामीण उद्यमियों के लिए आत्मनिर्भर, नवाचारी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवसायी बनने की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।”
केंद्र के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. रमन गुज्राल, निदेशक – सीएसआर पार्टनरशिप्स, ईडीआईआई ने बताया, “व्यावहारिक शिक्षण को उद्यम तैयारियों के साथ जोड़कर, यह पहल कौशल विकास और स्वरोजगार के बीच की खाई को पाटने का लक्ष्य रखती है, साथ ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार उद्यमिता को बढ़ावा देती है।”
एक दशक से अधिक समय से एक्सेंचर और ईडीआईआई की साझा यात्रा ग्रामीण उद्यमियों के जीवन में बदलाव लाने से परिभाषित होती रही है, जो कभी बाजार में अपनी जगह नहीं बना पाते थे और आज उसी में आत्मविश्वास के साथ व्यापार कर रहे हैं। विशेष रूप से महिला उद्यमी इस सहयोग के उद्देश्य और प्रभाव की सबसे मजबूत मिसाल रही हैं; आज कई महिलाएं अपने उत्पाद स्थानीय और क्षेत्रीय बाजारों में स्वतंत्र रूप से बेच रही हैं, और कई ने अपने उद्यमों को ऑनलाइन ले जाकर अपना स्वयं का ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित किया है तथा अपने शहरों से बाहर के ग्राहकों तक पहुंच बना रही हैं।


